खोज परिणाम
नेविगेशन पर जाएँ
खोज पर जाएँ
- [[श्रेणी:ग्रह विज्ञान]] ...३ KB (१०९ शब्द) - ०८:३९, १५ जून २०२०
- [[श्रेणी:पृथ्वी विज्ञान]] [[श्रेणी:अंतरिक्ष विज्ञान]] ...४ KB (३२ शब्द) - ०५:०२, ३ मार्च २०२०
- ...कम वजन वाले पिंड का पलायन वेग कम होगा। <ref>ncert कक्षा ११ की पुस्तक भौतिक विज्ञान भाग १ अध्याय ८ </ref> ...९ KB (११२ शब्द) - १४:३३, २४ नवम्बर २०२२
- ...[अंग्रेज़ी]]:''कार्बन-१४ डेटिंग'') का प्रयोग [[जीवाश्मविज्ञान|पुरातत्व-जीव विज्ञान]] में [[जंतु|जंतुओं]] एवं [[पौधों]] के प्राप्त अवशेषों के आधार पर जीवन काल, ...बी और उनके साथियों ने किया था। [[१९६०]] में उन्हें इस कार्य के लिए [[रसायन विज्ञान]] के [[नोबेल पुरस्कार]] से सम्मानित किया गया था। उन्होंने कार्बन डेटिंग के ...१६ KB (३९३ शब्द) - ०४:१८, २४ जनवरी २०२३
- [[खगोल शास्त्र|खगोल विज्ञान]] में '''केप्लर के ग्रहीय गति के तीन नियम''' इस प्रकार हैं - सभी [[ग्रह|ग्र ...७ KB (१६१ शब्द) - ०९:२५, २७ जनवरी २०२४
- [[श्रेणी:रासायनिक समुद्र विज्ञान]] [[श्रेणी:समुद्र विज्ञान]] ...१४ KB (३३८ शब्द) - १९:१२, ९ फ़रवरी २०२४
- ...पना - उनके कार्यों की एक झलक देते हैं। वरःमिहिर का मुख्य उद्देश्य गणित एवं विज्ञान को जनहित से जोड़ना था। वस्तुतः [[ऋग्वेद]] काल से ही भारत की यह परम्परा रही ...जैन विद्या का केंद्र था। [[गुप्त काल|गुप्त शासन]] के अन्तर्गत वहां पर कला, विज्ञान और संस्कृति के अनेक केंद्र पनप रहे थे। वराह मिहिर इस शहर में रहने के लिये आ ...२१ KB (५०५ शब्द) - २०:२६, १८ जनवरी २०२५
- {{विज्ञान-आधार}} ...७ KB (८४ शब्द) - ०७:४१, २० जुलाई २०२४
- ...का अध्ययन किया जाता है, तथा दूसरा [[बलगतिकी]] (Kinetics) अथवा वास्तविक गति विज्ञान, जो कारणों अथवा गतिनियमों से संबद्ध है। ...म दूसरा दृष्टिकोण अपनाएँ। उक्त दृष्टिकोण के अनुसार गतिविज्ञान शुद्ध अमूर्त विज्ञान (abstract science) है, जिसके समस्त नियम कुछ आधारभूत कल्पनाओं से निकाल जा सक ...२३ KB (२०५ शब्द) - ०३:०८, ५ मार्च २०२०
- ...पारिस्थितिक प्रक्रियाओं और जलीय चक्र के बीच प्रतिक्रिया, ये पारिस्थितिक जल विज्ञान के अनुसंधान के क्षेत्र हैं। ...मि) में इस बात पर बल दिया जाता है किस तरह जल रसायन, भू-आकृति विज्ञान और जल विज्ञान उनकी संरचना और कार्य को प्रभावित करते हैं। ...२२ KB (३४८ शब्द) - १०:१९, १५ जुलाई २०२४
- ...ञान, तारकीय विज्ञान, पृथ्वी से असंबंधित ग्रह विज्ञान, अन्य ग्रहों का [[जीव विज्ञान]], एस्ट्रोनॉटिक्स/ [[अंतरिक्ष यात्रा]], अंतरिक्ष औपनिवेशीकरण और अंतरिक्ष रक ...शाल "भूगोल" के संग्रहों के वर्णनात्मक कामों के स्थान पर करते हैं। अंतरिक्ष विज्ञान को अंतरिक्ष अनुसंधान और अंतरिक्ष की खोज के साथ जोड़ कर नहीं देखा जाना चाहिए ...८९ KB (६४७ शब्द) - १५:२०, १६ सितम्बर २०२४
- ...मौलिक कल्पनाओं के विषय में सूक्ष्म विचार करने की आवश्यकता दिखाई देने लगी। विज्ञान में सिद्धांत का कार्य प्राय: ज्ञात फलों को व्यवस्थित रूप से सूत्रित करना हो इन प्रयोगों के फलों से केवल भौतिकी में ही नहीं, बल्कि [[विज्ञान]] तथा [[दर्शन]] में भी गंभीर अशांति उत्पन्न हुई। २०वीं शताब्दी के प्रारंभ म ...४४ KB (५७८ शब्द) - ०९:५६, २१ अक्टूबर २०२४
- गति विज्ञान में [[उर्जा संरक्षण का नियम|ऊर्जा-अविनाशिता-सिद्धांत]] के प्रमाणित हो जाने ...वेग के वर्ग से गुणा करने पर प्राप्त होता है। इस सिद्धांत की पुष्टि नाभिकीय विज्ञान के बहुत से प्रयोगों द्वारा होती है। सूर्य में भी ऊर्जा इसी तरह बनती है। सूर ...४९ KB (५५० शब्द) - १३:३०, २६ अगस्त २०२४
- ...s/national-jagran-special-on-khagaul-of-bihar-16424239.html|title=अंतरिक्ष विज्ञान में भारत के योगदान को समर्पित है बिहार की यह जगह|access-date=25 जुलाई 2017| ...>[5] ^ आर्यभट की कथित गलती- उनके पर्येवेक्षण के स्थान पर प्रकाश, वर्त्तमान विज्ञान, ग्रन्थ .९३, १२, २५ दिसम्बर २००७, पीपी १८७० -७३.</ref> ...७६ KB (१,५२८ शब्द) - १९:०६, १२ फ़रवरी २०२५
- ...ने और समझने की कोशिश की।<ref name='SmithEnergy'>{{Cite book|title=ऊर्जा का विज्ञान - विक्टोरियन ब्रिटेन में ऊर्जा भौतिकी का सांस्कृतिक इतिहास|last=Smith|first ...५० KB (१,१३९ शब्द) - १७:५१, २५ नवम्बर २०२४
- ...ी प्रक्रिया एवं मौसम का पूर्वानुमान अध्ययन के केन्द्रबिन्दु होते हैं। मौसम विज्ञान का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है किन्तु अट्ठारहवीं शती तक इसमें खास प्रगति न मौसम विज्ञान के अध्ययन में [[पृथ्वी]] के वायुमण्डल के कुछ चरों का प्रेक्षण बहुत महत्व रख ...६० KB (६७७ शब्द) - १६:३५, १० अक्टूबर २०२४
- भौतिक विज्ञान में '''कृष्णिका''' पदार्थ की एक आदर्शीकृत अवस्था है, जो अपने ऊपर पड़ने वाले खगोल विज्ञान में तारों जैसे पिंडों को अक्सर कृष्णिका माना जाता है, हालांकि यह एक कमजोर स ...७१ KB (१,६९८ शब्द) - ०७:२१, १३ अप्रैल २०२४
- * [[भारतीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का इतिहास|भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी]] ...३७ KB (१,२१३ शब्द) - ०८:०२, ७ फ़रवरी २०२५
- ...सका पुराना नाम ‘[[कुट्टक]]’ है। ब्रह्मगुप्त ने उक्त प्रकरण के नाम पर ही इस विज्ञान का नाम सन् ६२८ ई. में ‘कुट्टक गणित’ रखा।)<ref>{{cite web|url= http://pustak ...१७ KB (३६३ शब्द) - १७:२५, १२ फ़रवरी २०२५
- ...2 में, चुंबक के गुण और शुष्क दिक्सूचक की चर्चा येमेनी भौतिक विज्ञानी, खगोल विज्ञानी और भूगोलवेत्ता अल-अशरफ़ ने की। <ref>{{Cite journal|title=Two Early Arabic ...और प्रतिचुंबकीय नहीं। तथापि, π-कक्षीय आवेष्टन की वजह से ऑक्सीजन अणु, जीवन विज्ञान के लिए महत्वपूर्ण अपवाद है। ...७६ KB (१,६०७ शब्द) - ०३:५७, १९ सितम्बर २०२४