खोज परिणाम
नेविगेशन पर जाएँ
खोज पर जाएँ
पृष्ठ शीर्षक मिलान
- ...मीय समष्टि के रूप में मान सकते हैं। जब ''n''=1 हो तो इस तरह के सभी समुच्चय एक-विमीय युक्लिडीय समष्टि का निर्माण करते हैं। == एक विमीय ज्यामिति == ...१ KB (२६ शब्द) - ०४:५५, ४ मार्च २०२०
पृष्ठ पाठ मिलान
- ...|thumb|360px|प्रमाणविक नाभिक में {{SubatomicParticle|Beta-}} क्षय (साथ में एक प्रति-न्यूट्रिनो भी निकलता है)।<br> यह प्रक्रिया एक स्वतंत्र न्यूट्रॉन का क्षय प्रदर्शित करती है।<br>]] ...४ KB (२०९ शब्द) - ०३:३४, १७ अक्टूबर २०२०
- | image = [[File:Algebraic equation notation.svg|thumb|बीजग्णित का एक समीकरण]] ...७ KB (४२९ शब्द) - ०७:३२, २४ अक्टूबर २०१७
- ...]]: थ्योरी ऑफ़ रिलेटिविटी), या केवल '''आपेक्षिकता''', आधुनिक [[भौतिकी]] का एक बुनियादी सिद्धांत है जिसे [[अल्बर्ट आइंस्टीन]] ने विकसित किया और जिसके दो ब ...त बताता है कि ऐसा निश्चित करना असंभव है। आपेक्षिकता सिद्धांत से भौतिकी में एक नए दृष्टिकोण का प्रारंभ हुआ। आपेक्षिकता सिद्धांत के आने से भौतिकी के कतिपय ...४४ KB (५७८ शब्द) - ०९:५६, २१ अक्टूबर २०२४
- ...beauty) का एक उदाहरण है क्योंकि यह गणित के सर्वाधिक मूलभूत संख्याओं के बीच एक सम्बन्ध को अभिव्यक्त करती है। ...३ KB (१२१ शब्द) - ०७:५२, १९ अक्टूबर २०२२
- ...ते हैं। (यह [[साधारण अवकल समीकरण|साधारण अवकल समीकरणों]] से भिन्न है जिनमें एक ही चर और उसके अवकलों में बंटा हुआ होता है। आंशिक अवकल समीकरणों का उपयोग उन निम्नलिखित समीकरण, आंशिक अवकल समीकरण का एक उदाहरण है- ...९ KB (६०३ शब्द) - १०:३९, २५ जनवरी २०२०
- '''परमदानव तारा''' एक अत्यधिक [[द्रव्यमान]] (मास) और [[चमक]] वाला तारा होता है जिस से लगातार गैस, ...य]] (वेवलॅन्थ़) पर Hα नाम की एक लकीर शामिल होती है जो [[हाइड्रोजन]] गैस की एक विशेष उत्तेजना से पैदा होती है। इसलिए वैज्ञानिक परमदानवों की पहचान के लिए उ ...६ KB (६७ शब्द) - १०:०८, १५ जुलाई २०२४
- ...ं भुजाओं के बीच एक सम्बन्ध बताने वाला प्रमेय है। इस [[प्रमेय]] को आमतौर पर एक [[समीकरण]] के रूप में निम्नलिखित तरीके से अभिव्यक्त किया जाता है- यदि ''c'' तथा एक भुजा का मान पहले से दिया गया है और तीसरी भुजा की लंबाई निकालनी हो, तो निम्न ...७३ KB (१,५५६ शब्द) - १४:०६, २० फ़रवरी २०२४
- ...सका प्रयोग किसी [[रासायनिक अभिक्रिया|रासायनिक प्रतिक्रिया]] समयरेखा यानी रिएक्शन टाइमस्केल( [[अभिक्रिया की दर|प्रतिक्रिया दर]] ) का उस अभिक्रिया में होने ...ा [[संवहन]] टाइमस्केल और वॉल्यूमेट्रिक प्रवाह दर से संबंध दर्शाती है, जो रिएक्टर के माध्यम से निरंतर ( प्लग प्रवाह या CSTR) या अर्ध-बैच रासायनिक प्रक्रिय ...६ KB (१२९ शब्द) - ०८:४२, २ फ़रवरी २०२१
- ...]] में, एक [[व्युत्क्रम वर्ग नियम]] कोई भी [[भौतिक नियम]] है जो कहता है कि एक निर्धारित भौतिक मात्रा या तीव्रता भौतिक मात्रा के स्रोत से दूरी के वर्ग के ...८१६ B (२५ शब्द) - १६:५३, २१ जनवरी २०२५
- ...ओं का पता लग सकता है जिनसे वक्र गुजरता है। इन बिंदुओं को जोड़ने पर वक्र की एक मोटी रूपरेखा का पता लग जाता है। फिर भी कुछ ऐसी बातें होती हैं जिनसे उसके आक ...गा। यदि r का कोई विषमघात नहीं है, तो वक्र मूल के प्रति सममित होगा और ध्रुव एक केंद्र होगा। ...७ KB (११७ शब्द) - ११:२२, २३ जुलाई २०२४
- ...अंग्रेजी) के तीन पार्श्वों के बीच एक रिश्ता है। इस [[प्रमेय]] को आमतौर पर एक [[समीकरण]] के रूप में लिखा जाता है: यदि ''c'' पहले से ही दिया गया है और एक पैर की लंबाई स्थापित करना हो, तो निम्नलिखित समीकरण का उपयोग किया जा सकता है ...७३ KB (१,५६५ शब्द) - ०८:४२, १४ अक्टूबर २०२०
- ...csites/millikan.cfm|url-status=dead}}</ref> उन्होंने प्रस्तावित किया कि यह एक एकल इलेक्ट्रॉन के ऋणात्मक आवेश का परिमाण था। ...९ KB (२६२ शब्द) - ०७:३७, १० जून २०२४
- ...होती है। [[निर्वात]] में ध्वनि का संचरण नहीं होता। वायु में ध्वनि का संचरण एक [[अनुदैर्घ्य तरंग]] (लांगीट्युडनल वेव) के रूप में होता है। अलग-अलग माध्यमों ...६ KB (१६४ शब्द) - १७:१५, १४ मार्च २०२२
- ...आपेक्षिकता|सामान्य सापेक्षता सिद्धांत]] में दस [[समीकरण]]ों (इक्वेशनों) का एक समूह है जो [[पदार्थ]] और [[ऊर्जा]] द्वारा [[दिक्-काल]] (स्पेसटाइम) में पैदा ...३ KB (१४१ शब्द) - ११:५५, ४ दिसम्बर २०२२
- ...ndulum}}) कहते हैं जो स्वतंत्रतापूर्वक आगे-पीछे झूल सकता हो। [[झूला]] इसका एक व्यावहारिक उदाहरण है। दोलन करता हुआ लोलक किसी एक बिन्दु जितने समय बाद पुनः वापस आ जाता है उसे उसका 'आवर्तकाल' कहते हैं। यदि ...४ KB (८२ शब्द) - ०१:२६, २९ दिसम्बर २०२१
- ...रते हुए [[तर्क|तर्कों]] का अध्ययन [[निगमनात्मक तर्क|निगमनात्मक तर्कणा]] की एक महत्वपूर्ण शाखा बनाता है जो [[प्राचीन यूनान|प्राचीन यूनानियों]] के साथ शुरू ...व्यवहित अनुमान (''immediate inference'') की अनुमति दे सकते हैं, जिससे किसी एक रूप की सत्यता या असत्यता दूसरे रूप में किसी कथन की सत्यता या असत्यता से सीध ...८ KB (१७५ शब्द) - ०२:४६, १४ अगस्त २०२३
- '''ज्यावक्रीय प्रक्षेप''' एक छद्म-बेलनाकार [[मानचित्र प्रक्षेप|समक्षेत्र प्रक्षेप]] है जिसे कभी-कभी '''स ...त् ज्यावक्रों के अर्धकों की आकृति वाले होते हैं। प्रधान मध्याह्न रेखा - जो एक सीधी रेखा होती है - के अलावा बाकी प्रत्येक मध्याह्न रेखा भी ज्यावक्रीय तरंग ...८ KB (२५२ शब्द) - १३:५४, १४ जुलाई २०२४
- ...िन लुइस कौशी]] के नाम से नामकरण किया गया एक [[श्रेणी (गणित)|अनन्त श्रेणी]] एक लिए मानक अभिसरण परीक्षण है। धनात्मक ह्रासमान अनुक्रम ''f''(''n'') के लिए एक ज्यामितिय दृश्य यह है कि हम प्रत्येक <math>2^{n}</math> पर [[समलंबाभ]] सहित ...८ KB (३७९ शब्द) - ०७:४४, १६ जून २०२०
- ...योग सर्वप्रथम सन् १७०६ में आया। इसका मान लगभग 3.14159 के बराबर होता है। यह एक [[अपरिमेय संख्या|अपरिमेय राशि]] है। पाई सबसे महत्वपूर्ण गणितीय एवं [[भौतिक नियतांक|भौतिक नियतांकों]] में से एक है। [[गणित]], [[विज्ञान]] एवं [[अभियान्त्रिकी|इंजीनियरी]] के बहुत से सूत्रो ...१२ KB (६३६ शब्द) - १३:१५, २५ सितम्बर २०२४
- ...गे। आंशिक अर्ध-आयु केवल आंशिक क्षय नियतांक {{Math|λ}} को निर्दिष्ट करने का एक वैकल्पिक तरीका है, दोनों को निम्नलिखित सूत्र से लिखा जा सकता हैः ...३ KB (३६ शब्द) - १५:२६, १० सितम्बर २०२४